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अबु दुजाना के फ़ोन से मिला था ये बड़ा सबूत जिसकी वजह से पुलिस को पता चला कि ये आतंकी है

अबु दुजाना के फ़ोन से मिला था ये बड़ा सबूत जिसकी वजह से पुलिस को पता चला कि ये आतंकी है August 2, 2017

बीते तीन सालों से कश्मीर से सुरक्षाबलों के लिए नासूर बन चुके अबु दुजाना को आखिरकार मंगलवार को उसके एक और स्थानीय साथी आरिफ ललहारी के साथ हकरीपोरा पुलवामा में मार गिराया गया है. हालाँकि आतंकी दुजाना की मौत के बाद पुलवामा में भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प की भी खबर आई है. अबतक मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षाकर्मियों और भीड़ के बीच हुई इस मुठभेड़ में एक प्रदर्शनकारी फिरदौस अहमद की मौत हो गई है और एक दर्जन से ज्यादा लोग भी इसमें जख्मी हुए हैं.

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पुलवामा में हुई इस मुठभेड़ के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के द्वारा एक प्रेस कॉंफ्रेंस की गई थी जहाँ पत्रकारों से बात करते हुए सेना की ओर से जीओसी जेएस संधू और कश्मीर रेंज के आईजी मुनीर खान ने पत्रकारों को ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी है.

मीडिया से बात करते हुए आईजी ने बताया कि आतंकी की मौत के बाद मुठभेड़ की गयी जिसके दौरान एक बार फिर हिंसक प्रदर्शनों के जरिए लोगों ने सेना के इस काम में भी बाधा पहुंचाने की कोशिश भी की. पुलिस के अनुसार एनकाउंटर के दौरान हिंसा की गयी जिसमे हवाई फायरिंग के दौरान लोग घायल भी हुए हैं लेकिन उ न्होंने इस बात को साफ़ कर दिया है कि पथराव हो या न हो, बाधा आए या न आए, हमारे ऑपरेशंस तो अब जारी ही रहेंगे.

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अय्याश था अबु दुजाना 

आईजी ने इस मुठभेड़ के बादलोगों से अपील करते हुए कहा था कि अब कोई स्थानीय लोग मुठभेड़ वाली जगह पर ना ही जाये. 15 कॉर्प्स के जीओसी जे संधु और कश्मीर आईजी मुनीर खान ने इस मुठभेड़ के बाद बताया कि कैसे दुजाना इलाके में आतंक की जड़ बन चुका था. स्थानीय लोगों में उसकी दहशत रहने लगी थी. जीओसी जे संधु के अनुसार अबु दुजाना लश्कर का A++ कैटेगरी वाला आतंकी था. अबु दुजाना का रिकॉर्ड ज्यादा आतंकी गतिविधियों का नहीं रहा बल्कि वो अपनी अय्याशी के लिए जाना जाता था.

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एक फोन के चलते गयी अबु दुजाना की जान?

एक ख़बर के मुताबिक आतंकी अबु दुजाना के मरे जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उसका फोन है. मिली जानकारी के अनुसार हाल में पुलिस ने अबु के आतंक से परेशान होकर उसको पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन चलाया था. हालाँकि उस वक्त वो भागने में सफल हो गया था लेकिन गाड़ी में उसका मोबाइल फोन छूट गया था.

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बस फिर क्या था, सुरक्षाबलों को अब एक बड़ा सुराग हाथ लग चुका था. उन्होंने अबु के मोबाइल से उसके कॉन्टैक्ट और उनकी ट्रैकिंग से आतंकियों का मूवमेंट का पता लगाना शुरू कर दिया. फोन मिलने के बाद सुरक्षाबल लगातार दुजाना की गतिविधियों को ट्रैक कर रहे थे और मंगलवार को सुबह ही पुलवामा के बाकरीपोरा में उसे घेर लिया और फिर जो हुआ वो आपके सामने है.

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बताया जा रहा है कि फोन ट्रैकिंग से पता चला है कि दुजाना लगातार पाकिस्तान से संपर्क में था. ऐसे में अभी तक कुल 106 आतंकी मारे जा चुके हैं. ये सभी एजेंसियों की मदद ही है कि अबतक चलाये गए सभी आतंकियों के खिलाफ ये ऑपरेशन सफल ही रहे हैं. बता दें कि इस एनकाउंटर के बाद घाटी में इंटरनेट की सेवा बंद कर दी गई है, साथ ही वहां के सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद किया गया है.

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कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने इस मुठभेड़ का ज़िक्र करते हुए बताया कि हमनें शुरू में अबु को  सरेंडर करने को कहा, लेकिन ख़ुद को चौतरफा घिरा देख अबु के दो अन्य साथीयों ने हमपर फायरिंग शुरू कर दी. इस ऑपरेशन में एक नागरिक मारा गया है, वहीं 5 नागरिक घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि ऑपरेशन के दौरान वहां पर लोग कैसे आ गए जिसकी वजह से आम नागरिकों के साथ ये हादसा हो गया.

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घाटी में सेना का ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ जारी है 

बता दें कि सेना कश्मीर से आतंकियों का सफाया करने के लिए ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ अभियान चला रही है जिसके अंतर्गत पहले भी कई और अब अबु दुजाना सेना के हाथ मारे जा चुके हैं. बता दें इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों की एक लिस्ट तैयार की गई है और अब उसी के आधार पर अलग-अलग इलाकों में आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन उन्हें ढेर किया जा रहा है. बता दें कि अब तक इस ऑपरेशन के तहत करीब 100 आतंकियों को घाटी में ढेर किया जा चुका है.
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फारूक अब्दुल्ला बोले- ये एक अच्छी कामयाबी

अबु दुजाना के मारे जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि अबु दुजाना के मारे जाने से घाटी में काफी फर्क पड़ेगा. अबु जैसे आतंकी का मारा जाना अच्छी बात है. ये सेना की एक अच्छी कामयाबी है. मैं मानता हूँ कि ऐसे लोगों को मारे जाने से ही देश में अमन आएगा. आतंक जैसी चीज़ अब खत्म होनी चाहिए ताकि लोग आजादी से सांस ले सकें.