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अमित शाह के कदम लखनऊ में पड़ते ही मचा ऐसा खौफ की अखिलेश आनन फानन में…

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को लखनऊ पहुंचे

अमित शाह के कदम लखनऊ में पड़ते ही मचा ऐसा खौफ की अखिलेश आनन फानन में… July 30, 2017

अमित शाह पहुंचे उत्तर प्रदेश 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को लखनऊ पहुंचे जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया. उनका स्वागत करने के लिए हवाईअड्डे पर बीजेपी के कार्यकर्ता मौजूद थे. शाह 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियों को देखने के लिए यहाँ आए हैं. वो लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी देंगे. वो संगठन के मंत्रियों से भी बात करेंगे. वो राजधानी लखनऊ के प्रबुद्ध लोगों से भी मुलाक़ात करेंगे. लखनऊ पहुंचे अमित शाह प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाक़ात करेंगे.

अमित शाह देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर पार्टी की तैयारियों को देखेंगे. वो हर राज्य में तीन-तीन दिन रुकेंगे. इस दौरान वो कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनावों की रणनीति को लेकर बातचीत करेंगे. जिस राज्य में भाजपा की सरकार है वहां वो पार्टी के कामकाज की समीक्षा भी करेंगे.

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सपा के मंत्रियों ने दे दिया इस्तीफ़ा, अखिलेश को झटका 

शाह कोर कमेटी के साथ भी बैठक करेंगे. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्षों के साथ-साथ पार्टी के कुछ अन्य महत्वपूर्ण राजनेता भी उपस्थित होंगे. उनके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन और कलराज मिश्र की भी इसमें शिरकत करने की संभावना है.

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उत्तर प्रदेश पंहुचे अमित शाह वैसे तो पार्टी की तैयारियों पर ध्यान देंगे लेकिन उनके वहां पहुँचते ही सियासी हलचलें तेज हो गई हैं. आपको बता दें की समाजवादी पार्टी के तीन MLC मधुकर जेटली, बुक्कल नवाब और यशवंत सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया है. बसपा के एक MLC जयवीर सिंह ने भी अपनी पार्टी छोड़ दी है. सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी के MLC ने इसलिए इस्तीफ़ा दिया है ताकि वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकें. इसके पीछे बड़ी वजह ये बताई जा रही है कि प्रदेश के सत्ता में काबिज भाजपा को अपने मंत्रीमंडल से कई चेहरों को विधान परिषद में भेजना है. सपा के मंत्रियों का इस्तीफ़ा अखिलेश के लिए एक हादसे की तरह है. विधानसभा चुनावों में हुई हार के बाद एक बार फिर सपा को बड़ा झटका लगा है.

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इसी कड़ी में दो डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश चंद्र शर्मा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ स्वतंत्र देव सिंह और मोहसिन रजा भी शामिल हैं. मंत्रीमंडल का सदस्य होने के नाते इनका किसी न किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है, जोकि अभी ये नहीं हैं. इसी वजह से समाजवादी पार्टी के MLC के इस्तीफों को इस पूरे प्रकरण से जोड़ा जा रहा है.

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अगर ये MLC बीजेपी में चले जाते हैं तो इनकी सीटें खाली हो जाएंगी जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी आसानी से अपने चेहरों को MLC बना सकेगी. इस तरह से समाजवादी पार्टी के इन नेताओं के इस्तीफ़े MLC चुनावों में भाजपा के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है. उत्तर प्रदेश की सत्ता में आए बीजेपी को चार महीने बीत चुके हैं और इसीलिए दो महीनों के भीतर उसको अपने मंत्रियों को किसी भी सदन का सदस्य बनाना अनिवार्य है.

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भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह अभी लखनऊ में हैं, हालांकि वो लोकसभा चुनावों की तैयारियों को देखने वहां पहुंचे हैं लेकिन ये बात भी स्पष्ट है कि वो प्रदेश में भाजपा की प्रदेश सरकार द्वारा किये जा रहे कामकाज का भी ब्यौरा अवश्य लेंगे.