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ट्रम्प का भारत को तोहफा : तो चीन इसी लिए घबरा गया

भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए बडी संख्या में सैन्य जेट विमानों की जरूरत के मद्देनजर American कंपनी Boeing ने अपने F/A 18 सुपर हॉर्नेट विमानों का कारखाना भारत में लगाने की पेशकश की है। इसके लिए खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस सितंबर के अंतिम सप्ताह में भारत आ रहे हैं।

ट्रम्प का भारत को तोहफा : तो चीन इसी लिए घबरा गया August 29, 2017Leave a comment

New Delhi: भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए बडी संख्या में सैन्य जेट विमानों की जरूरत के मद्देनजर American कंपनी Boeing ने अपने F/A 18 सुपर हॉर्नेट विमानों का कारखाना भारत में लगाने की पेशकश की है। इसके लिए खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस सितंबर के अंतिम सप्ताह में भारत आ रहे हैं।

Boeing ने कहा कि यदि उसे आपूर्ति के लिए ठेका मिलता है तो वह यहां निर्माण सुविधा स्थापित कर सकती है। कंपनी खास कर नौसेना के लिए विमान वाहक पोतों से उडान भरने में सक्षम 57 मल्टी रोल लडाकू विमान (एमआरसीबीएफ) की खरीद की योजना पर निगाह रखे हुए है। Boeing ने कहा है कि उसके F/A 18 सुपर हॉर्नेट भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत से उड़ान की दृष्टि से बहुत अनुकूल जेट होंगे।

Boeing के F/A 18 कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डान गिलियन ने कहा, ‘हम भारत में अगली पीढ़ी की सुविधा विकसित करने की बात कर रहे हैं। हमारा मानना है कि सुपर हॉर्नेट सबसे अत्याधुनिक विमान है जिसका निर्माण भारत कर सकता है। इससे हम अगली पीढ़ी के विमानों में पहुंच जाएंगे जिनका भारत डिजाइन और निर्माण करेगा।’ उन्होंने कहा कि F/A 18 सुपर हॉर्नेट को भारतीय विमानवाहक पोतों से उड़ान के लिए किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं होगी और अन्य प्लैटफॉर्म की तुलना में इसका प्रति घंटे का उड़ान अनुपात सबसे कम बैठेगा।

उन्होंने कहा कि Boeing की निगाह भारतीय वायु सेना की जरूरतों पर भी है जो अपने पुराने होते मिग 21 जेट को बदलना चाहती है। इस साल जनवरी में भारतीय नौसेना ने अपने विमानवाहक पोत के लिए 57 मल्टी रोल लड़ाकू विमानों के लिए सूचना का आग्रह (आरएफआई) जारी किया था।

अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के अगले महीने के अंतिम सप्ताह में भारत यात्रा पर आने की उम्मीद है। समझा जाता है कि उनकी इस यात्रा के दौरान हथियार प्रणाली के संयुक्त विकास पर बातचीत होगी। जून, 2016 में अमेरिका ने भारत को अपना प्रमुख रक्षा भागीदार बताया था। भारत-अमेरिका रक्षा संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री की यात्रा के दौरान कुछ रक्षा खरीद सौदों पर गहनता से विचार विमर्श होगा।

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