India Intresting

देश के इस छोटे से प्रदेश में पेट्रोल सबसे सस्ता, वजह भी है खास

देश के इस छोटे से प्रदेश में पेट्रोल सबसे सस्ता, वजह भी है खास September 25, 2017Leave a comment

पेट्रोल की कीमत भले ही तेल कंपनियां तय करती हैं, लेकिन उन पर टैक्स लगाने का अधिकार सरकार के पास होता है. वहीं पेट्रोल पर वैट लगने से अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है. ऐसे में सबसे सस्ता पेट्रोल खरीदना है तो आपको अंडमान की यात्रा करनी पड़ सकती है.

पेट्रोल की सबसे ज्यादा कीमत मुंबई में लगभग 80 रुपये के करीब है. वहीं अंडमान में पेट्रोल की कीमत सबसे कम है. पोर्ट ब्लेयर (अंडमान निकोबार) में पेट्रोल की कीमत 60.80 रुपये है. देश में ही पेट्रोल की कीमतों में इन राज्यों के बीच 20 रुपये प्रति लीटर का अंतर है. गोवा में भी पेट्रोल की कीमत 65 रुपये के करीब है.

अन्य राज्यों के मुकाबले नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम है. अरुणाचल में पेट्रोल पर 20 फीसदी और डीजल पर 12.5 फीसदी वैट है. त्रिपुरा में पेट्रोल पर 20 तो डीजल पर 13.5 फीसदी वैट है. मेघालय, नगालैंड और मिजोरम में भी वैट की दरें काफी कम हैं. इसलिए इन राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें दूसरे राज्यों के मुकाबले कम हैं.


इसलिए होता है अंतर

पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी तो फिक्स है. जहां पेट्रोल पर यह 21.48 रुपये है तो डीजल पर 17.33 रुपये है. मोदी सरकार नवंबर 2014 से अब तक पेट्रोल के एक्साइज ड्यूटी में 126 प्रतिशत और डीजल के एक्साइज ड्यूटी में 374 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है. इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमत निर्धारण मामले में असली भूमिका राज्यों की होती है. जिन राज्यों में पेट्रोल पर लगने वाला वैट अधिक होता है, वहां पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा होती है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब और तेलंगाना वह राज्य हैं, जहां पेट्रोल पर 35 प्रतिशत तक वैट लगता है. वहीं केरल में 34 प्रतिशत वैट लगता है. वहीं राज्यों में सबसे कम वैट की बात करें तो गोवा में सिर्फ 17 प्रतिशत वैट लगता है. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा में वैट लगभग 20 प्रतिशत के आसपास है. वहीं अंडमान एंड निकोबार द्वीप में पेट्रोल पर केंद्र द्वारा सिर्फ 6 प्रतिशत वैट दर लागू है.

इसे ऐसे समझे
दिल्ली में डीजल पर डीलर प्राइज 30.19 रुपये है, उसपर 17.33 रुपये का एक्साइज टैक्स लगता है. साथ ही 2.50 रुपये डीलर कमीशन होता है. ऐसे में लगभग दिल्ली के डिस्ट्रीब्यूटर्स को डीजल के लिए 50 रुपये देने पड़ते हैं. वहीं अब 27 प्रतिशत वैट लगने के बाद डीजल की कीमत लगभग 59 रुपये बैठती है. वहीं डीलर डिपो पर 30.48 रुपये प्रति लीटर चार्ज होने वाला पेट्रोल टैक्स लगने के बाद लगभग 231 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कस्टमर्स को 70.52 रुपये का मिलता है.

 जीएसटी लगने के बाद यह बदलाव
पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने सुझाव दिया है कि पेट्रोल और डीजल पर भी जीएसटी लगे. हालांकि राज्यों ने इसका विरोध किया है. यही वजह है कि जीएसटी काउंसिल ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से बाहर रखा है. पेट्रोल की बढ़ी कीमतों पर बोलते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष पर इसी मसले पर वार किया था. उनके अनुसार उन राज्यों में जहां कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टियां हैं, क्या वह पेट्रोल से वैट हटाने का कदम उठा सकती हैं? जेटली ने आगे कहा कि किसी भी देश को चलाने के लिए रेवेन्यू की जरूरत होती है.

ऐसे में अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाया गया तो कई राज्यों इनकी कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है. वहीं कुछ राज्यों में इसकी कीमत में उछाल भी देखने को मिलेगा. ऐसे में अगर सबसे ज्यादा जीएसटी दर 28 प्रतिशत लगे तो मुंबई में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर लगभग 69 रुपये बैठेगी, जो की वर्तमान दर से 10 रुपये कम होगा. वहीं अंडमान में इसकी कीमतों में 13 रुपये का उछाल देखने को मिलेगा. वहीं सभी नॉर्थ ईस्ट राज्यों में भी पेट्रोल की कीमत बढ़ेगी.

सरकार को मिल रहा फायदा
राज्यों को मिलने वाले वैट में बढ़ोतरी देखी गई है. यह 2015-16 के 1.42 लाख करोड़ के मुकाबले 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2016-17 में 1.66 लाख रुपये हो गया है. वहीं एक्साइज ड्यूटी में तो 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. 2015-16 के 1.78 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर यह 2016-17 में 2.42 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह चीजें केंद्र और राज्यों दोनों को खुश कर रही है.

पेट्रोल और डीजल की कीमत पर एक और तर्क यह दिया जाता है कि जब कई सालों तक तेल कंपनियां घाटे का सामना कर रही थीं तो अब अगर उन्हें फायदा पहुंच रहा है और सरकार को भी आमदनी हो रही है तो उसमें क्या गलत है. आंकड़ों के मुताबिक तेल कंपनियों को 2002 से 2013 के बीच 25,000 करोड़ और 3.38 लाख करोड़ रुपये डीजल पर घाटा हुआ है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *