Intresting News Social Media

देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरु को ही नही था अपने देश की सेना पर विश्वास लेकिन उन्हें ऐसा जवाब मिला कि सब सन्न रह गये

देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरु को ही नही था अपने देश की सेना पर विश्वास लेकिन उन्हें ऐसा जवाब मिला कि सब सन्न रह गये August 2, 2017

भारत एक ऐसा देश है जहां सेना को सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है लेकिन अब कुछ लोग ऐसे हैं  जो भारतीय सेना पर सवाल उठाने लगे हैं. आपको बता दें हाल ही में कांग्रेसियों ने  मोदी सरकार द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सवाल उठाया था.  अब आपको नेहरु परिवार के बारे में एक ऐसी बात बताते हैं जिसे पढ़ने के बाद आप चाचा नेहरु से नफरत करेंगे. दरअसल पंडित जवाहरलाल नेहरु को बहुत समय पहले से ही सेना पर भरोसा नहीं था जिसका सबूत हम आपको बताने वाले हैं.

source

बात तबकी है जब भारत अंग्रेजों से आज़ाद हुआ था और भारत के लिए सभी चीज़ नए पैमाने से सोची जा रहीं थीं. इस बीच भारतीय सेना और पंडित जवाहरलाल नेहरु के बीच एक बैठक चल रही थी जिसके अध्यक्ष खुद नहरू ही थे. सेना को उन दिनों नये जनरल की जरूरत थी और इसका ज़िम्मा देश के प्रधानमंत्री नेहरु का था. बैठक के दौरान पंडित नेहरु ने सवाल उठाया कि क्या भारत में एक अँगरेज़ जनरल की जरूरत है ? उनका कहना था कि भारतीय अधिकारीयों को  अनुभव की कमी है और हमें ऐसे में एक ब्रिटिश का चुनाव करना होगा.

source

अब जब देश के पीएम ने ऐसा कहा है तो कोई कैसे उनकी बात काट सकता था ? सभी अधिकारीयों ने नेहरु की हाँ में हाँ मिलाई और इस प्रस्ताव के लिए तैयार हो गये लेकिन इस बीच एक अधिकारी ने नेहरु को ऐसा जवाब दिया कि वहां बैठे सभी लोग सन्न रह गये. अधिकारी का नाम था ठाकुर नाथू सिंह राठौड़ जिन्होंने बिना कुछ सोचे नेहरु की बात काट दी और कुछ ऐसा कहा कि सब देखते रह गये.

source

राठौड़ ने कहा ” सर मेरे पास कहने के लिए कुछ है, देखिए सर, हमारे पास देश को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा अनुभव भी नहीं है, तो देश के पहले प्रधानमंत्री द्वारा किसी ब्रिटेन के अधिकारी को नियुक्त नहीं करना चाहिए. राठौड़ की बात सुन वहां मौजूद सभी लोग एकदम से शांत हो गए.”

source

राठौड़ की इस बात को सुनने के बाद नेहरु कुछ देर तक चुप रहे और फिर बोले कि राठौड़ क्या तुम देश के पहले जनरल बनने के लिए तैयार हो ? इसके जवाब में ठाकुर नाथू सिंह राठौड़ बोले  नहीं मैं नहीं लेकिन मेरे पास एक ऐसा शख्स है जो इस पद को बखूबी संभाल सकता है.

source

राठौड़ के पास ये बेहतरीन मौका था के वो देश के पहले जनरल बन जाते लेकिन उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी  लेफटिनेंट जनरल केएम कैरियाप्पा का नाम लिया और कहा कि वो हमसे ज्यादा तजुर्बा रखते हैं तो इस पद को अच्छे से संभाल पाएँगे. राठौड़ के इस प्रस्ताव को नेहरु ने मानते हुए  लेफटिनेंट जनरल केएम कैरियाप्पा को पहला जनरल बनाया.