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भाजपा नेताओं की दबंगई से गुस्से में तमतमाए थानेदार ने उठाया ऐसा कदम कि वहां मौजूद भाजपा नेताओं के उड़ गए होश

भाजपा नेताओं की दबंगई से गुस्से में तमतमाए थानेदार ने उठाया ऐसा कदम कि वहां मौजूद भाजपा नेताओं के उड़ गए होश August 2, 2017

जब हम उत्तर प्रदेश बात करते हैं तो वहाँ के कानून व्यवस्था की बात अपने आप ही आ जाती है. यूपी में जिस किसी भी पार्टी की सरकार आती है वो सरकार अपने शासन में कानून व्यवस्था ठीक करने की बात करती है, लेकिन कभी कुछ ठीक नहीं होता,सबकुछ वैसा ही रहता है जैसा हमेशा से चला आ रहा है. यूपी में आये दिन किसी न किसी नेता का बेटा, भतीजा या कोई सगा सम्बन्धी अपनी धौंस दिखाता ही रहता है. ऐसे में आप यही कह सकते हैं कि यूपी में गुंडाराज कभी खत्म हो ही नहीं सकता चाहे कुछ भी कर लो. जिसको देखो वो पुलिस कर्मियों को खरीदने की कोशश करता है, अगर पुलिस वाला पैसे ले ले तो वो घूसखोर और अगर न ले तो उसे नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी जाती है. जी हाँ ठीक ऐसा ही एक मामला यूपी के फर्रुखाबाद में हुआ है. UTTAR PRADESH

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फर्रुखाबाद शहर के आईटीआई चौराहे पर एक दरोगा और सांसद मुकेश राजपूत के पुत्र अमित के बीच भिडंत हो गई थी. आपको बता दें कि मामला इतना बढ़ गया था कि गुस्साए दरोगा ने सांसद पुत्र को थप्पड़  मार दिया. असल में आपको बता दें कि ये लड़ाई इसलिए शुरू हुई थी कि, सांसद का बेटा दरोगा की बाइक को ओवरटेक कर रहा था इसी दौरान सांसद के बेटे का कुर्ता दरोगा की बाइक में फंस गया जिससे दरोगा की बाइक गिर गई. सांसद के बेटे द्वारा की गई इस हरकत से तमतमाए दरोगा ने सांसद के बेटे को थप्पड़ जड़ दिया.

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जैसे ही दरोगा ने सांसद के बेटे अमित को थप्पड़ मारा तो थोड़ी ही देर में इस बात की जानकारी उसके पिता सांसद मुकेश राजपूत को हुई जिसके बाद उसके घर के बाहर भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई. जिसके बाद भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं ने थाने में जाकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इसी प्रदर्शन के दौरान थाने के अपर एसपी और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हो गई और जैस ही अपर एसपी ने थाने पर दबाव ज्यादा बढ़ता देखा तो उन्होंने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया.

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सूत्रों के मुताबिक सांसद मुकेश राजपूत का एक स्कूल मऊदरवाजा के रामपुर ढपरपुर में बन रहा है. इसी सिलसिले में अमित कुछ ज़रूरी काम से अपनी स्कूटी से जेसीबी चालक को रास्ता बताते हुए जा रहा था तभी उसने दरोगा आसिफ की बाइक को ओवरटेक किया. इसी दौरान अमित का कुर्ता दरोगा आसिफ की बाइक के हैंडल में फंस गया जिससे दरोगा की बाइक तो गिरी ही उसके साथ ही बाइक पर सवार दो अन्य लोग भी गिर पड़े. जिसकी वजह से मो. आसिफ को गुस्सा आया और उसी गुस्से में आकर दरोगा ने अमित को थप्पड़ जड़ दिया.

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सांसद के बेटे अमित का कहना है कि दरोगा मो.आसिफ ने उनके साथ बेवजह मारपीट की है, जबकि अमित ने दरोगा को यह भी बताया था कि वे एक सांसद के पुत्र हैं और उनके पिता मुकेश राजपूत दिल्ली में है जो कि बुधवार को वापस आएंगे लेकिन दरोगा मो. आसिफ ने एक नहीं मानी और उन्हें थप्पड़ जड़ दिया. आपको बता दें कि दरोगा मो. आसिफ ने मारपीट करने से इंकार कर दिया है.

थाने में जमा भाजपा प्रदर्शनकारियों ने दरोगा मो.आसिफ को सस्पेंड करने की मांग की है. वहीँ एएसपी का कहना है कि पुलिस अधीक्षक ने बजरिया चौकी इंचार्ज मो.आसिफ को लाइन हाजिर कर दिया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है.

एएसपी ने जब दरोगा आसिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज  करने का आदेश दिया तो इतने में ही अमित ने अपनी बात को पलटते हुए आरोप लगाया कि वे मंदिर के पास खड़े थे, तभी दरोगा आसिफ ने अपनी बाइक से उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी जिससे वह गिर पड़े और फिर जब उसने दरोगा से पूछा कि क्या है भाई तो इसपर गालीगलौज करते हुए दरोगा ने उसे पहले तो पीटा और फिर पिस्टल पर हाथ रखकर जान से मारने की धमकी भी दे डाली.

जिसके बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया और संघ के जिला सहकार्यवाह पंकज वर्मा की नोकझोंक थानाध्यक्ष राजेश पाठक से हो गई. इसी दौरान पंकज वर्मा ने थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप भी लगाए जिससे नाराज होकर थानाध्यक्ष ने एएसपी व सीओ से कहा कि वह अपना इस्तीफा दे रहे हैं और ऐसी परिस्थिति में वे ऐसी नौकरी नहीं कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि ‘ अभी थाना छोड़ रहा हूँ उन्होंने अपना जमीर नहीं बेचा है ‘ इतना कहकर वे अपने कमरे में चले गए। थानाध्यक्ष द्वारा उठाए गए इस कदम से वहां मौजूद सभी पुलिस अधिकारी व भाजपाई सकते में आ गए. जिसके बाद सीओ, महामंत्री विमल कटियार और पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार ने जाकर उन्हें मनाया.