Facts Intresting News

भारतीय सेना का हो गया बड़ा नुकसान

भारत चीन के बीच विवाद काफी दिनों से चल रहा है. भारतीय और चीनी सेना के बीच आमना सामना भी हो  रहा है

भारतीय सेना का हो गया बड़ा नुकसान July 30, 2017

चीन लगातार युद्ध की धमकी दे रहा है. चीन बातचीत के जरिए समस्या का हल नही निकालना चाहता है. रोज नई धमकी भारत को मिल रही है. लेकिन इस बार भारतीय सेना भी पीछे नही हटी वो भी चीनी सैनिको से सीमा की सुरक्षा कर रही है. लगातार चीन भारतीय सीमा पर विवाद चल रहा है रोज़ आमना सामना हो रहा है इसी सब के बीच में भारतीय सेना और भारत के बुरी खबर सामने आई जिसमें यह साफ़ बताया गया है कि हम चीन के साथ लड़ने में कही न कहीं फीके पड़ ही सकते है.

Source

दरअसल चीनी एयरफ़ोर्स से लोहा लेने के लिए भारतीय वायु सेना को मिले आकाश मिसाइल ने धोखा दे दिया है. CAG की रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना को मिले आकाश में से  30 फीसदी मिसाइल शुरुवाती जांच में फेल हो गये है.ऐसे में युद्ध जैसी स्थिति में आकाश मिसाइल का इस्तेमाल विश्वसनीय नही है और इसी मुख्य कारण की वजह से इन्हें पूर्वी सेना पर तैनात नही किया जा सका है. जमीन से हवा में मार कने वाली आकाश मिसाइल भारत के “चिकन नेक” सिलिगुड़ी कोरिडोर सहित चीन सीमा से सटे छह अहम बेस पर लगने थे.

Source

CAG ने संसद में अपनी रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2013-2015 के बीच ही इन मिसाइलों को इन जगहों पर लगने थे लेकिन अभी तक कोई भी मिसाइल नही लगाया गया है.ख़ास बात यह है कि भारत और चीन की सेना की डोकलाम में जिस जगह आमना सामना हुआ था वह सिलिगुड़ी कोरिडोर से कुछ ही दुरी पर है.ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से लापरवाहियां बरती जा रही है  अगर कोई दुशमन हमारे देश पर अटैक करता है तो हम कैसे मुकाबला करेंगे. वहीँ जबकि चीन लगातार भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है. ऐसी स्थिति में इस तरह की ख़बरों के आने सवाल तो कई उठेंगे.

Source

भारत इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड (बेल) द्वारा बनायीं गई इन मिसाइलों की कुल लागत 39 00 करोड़ रूपये है. जिसमें से एयरफ़ोर्स ने 3800 करोड़ रूपये का भुगतान भी कर दिया है.जबकि नियंत्रण रेखा के करीब भारतीय वायुसेना को करीब छह मिसाइल तैनात करना था.  चीन ने तिब्बत में आठ पूरी तरह चालू एयरबेस बना रखे है.लेकिन सबसे बड़ा मसला तो यह है कि सैम्पल टेस्ट में 30 फीसदी तक फेल हो जाना इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है.जबकि इसे आधार मानते हुए 95 फीसदी भुगतान भी किया जा चुका है.

Source

सबसे गंभीर बात तो यह है कि सीएजी के मुताबिक़  70 मिसाइल की जीवन काल कम से कम 3 वर्ष ऐसे ही इस वजह से ख़राब हो गया क्योकि उनके स्टोरेज के कोई सुविधा उपलब्ध नही थी.प्रत्येक आकाश मिसाइल की लागत करोड़ों में होती है. इसी वजह से 150 अन्य मिसाइल का जीवन काल दो से तीन साल और 40 मिसाइल का जीवन काल एक या दो साल कम हो चुका है. आकाश मिसाइल का जीवन काल ‘मैन्युफैक्चरिंग डेट’ से 10 साल तक होता है और उन्हें कुछ नियंत्रित दशाओं में संग्रह करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में भारत चीन के साथ मुकाबला करने की बात करता है. पहले हमें हमारे हथियारों को सुरक्षित करना है. जिससे हम युद्ध जैसी स्थिति में दुश्मन से मुकाबला तो कर सके.

Source

सोचने वाली बात तो यह भी है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेक इन इंडिया को सपोर्ट करते है और इसको लगातार बढ़ावा देने के लिए  काम करते रहते है. प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार मोदी मेक इन इंडिया को प्रोमोट कर रहे है. ऐसे में अगर सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाली देश की सुरक्षा पर ऐसा संकट आ जाए तो इससे प्रधानमंत्री मोदी को भी झटका लग सकता है क्युकी आकाश मिसाइल भारत की ही बनी हुई है.