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मोदी सरकार पर सवाल उठाने वालों के मुंह पर तमाचा, एक साल में 562 करोड़ की ब्‍लैकमनी जब्‍त

ब्‍लैकमनी को लेकर जो लोग मोदी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते थे वित्‍त मंत्रालय की रिपोर्ट के खुलासे ने उन सभी के मुंह बंद कर दिए हैं।

मोदी सरकार पर सवाल उठाने वालों के मुंह पर तमाचा, एक साल में 562 करोड़ की ब्‍लैकमनी जब्‍त September 10, 2017Leave a comment

New Delhi  : देश के तमाम राजनैतिक दल ब्‍लैकमनी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन, वित्‍त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के खुलासे ने मोदी के विरोधियों के मुंह पर ना सिर्फ ताला जड़ दिया है बल्कि मुंह पर करारा तमाचा भी मारा है। वित्‍त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में रिकॉर्ड ब्‍लैक मनी जब्‍त की गई है। जी हां देश में विभिन्‍न सरकारी एजेंसियों की ओर से कुल 562 करोड़ रुपए की ब्‍लैकमनी जब्‍त की गई है। ये खुलासा फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की ओर से किया गया है। जो वित्त मंत्रालय की टेक्नीकल इंटेलिजेंस विंग है। ये विंग फाइनेंस से जुड़ी गड़बड़ियों पर नजर रखती है। सरकार के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

 

वित्‍त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की रिपोर्ट के मुताबिक फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में पैसों से जुड़े गड़बड़ी के दो सौ फीसदी ज्‍यादा केस पकड़े गए। इसमें संदिग्‍ध लेनदेन के अलावा जाली करेंसी, टेरर फंडिंग और विदेशों से गैर-कानूनी फंड ट्रांसफर के मामले भी शामिल थे। जानकारी के मुताबिक ब्‍लैक मनी और मनी लॉड्रिंग पर लगाम लगाने के लिए वित्‍त मंत्रालय की इंटेलीजेंस विंग देशभर के बैंकों और फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों की मदद जांच के लिए लेती हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया साल 2015-16 में कैश ट्रांजैक्शन 80 लाख से बढ़कर एक करोड़ साठ लाख से भी ज्‍यादा हो गए थे। इसमें करीब एक लाख मामले संदिग्‍ध लेनदेन के थे। सभी की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

दरअसल, जब देश में नरेंद्र मोदी ने देश की सत्‍ता संभाली है। उनका ज्‍यादा फोकस ब्‍लैकमनी पर लगाम लगाने पर रहा है। दरअसल, ब्‍लैकमनी की वजह से ही टेरर फंडिंग बढ़ती है। इसलिए कालेधन पर सरकार काफी सख्‍त रही। कालेधन पर रोक लगाने के लिए ही पिछले साल नोटबंदी की गई थी। जिसका असर अब दिख रहा है। एक साल के भीतर सरकार ने 562 करोड़ रुपए की ब्‍लैकमनी जब्‍त की है। जबकि इससे पहले इतने कम समय में इतनी बड़ी कार्रवाई कभी भी देखने को नहीं मिली है। सरकार इसके साथ ही टैक्‍स चोरी और दूसरे वित्‍तीय गड़बड़ी के मामलों को भी पकड़ रही है। ताकि देश की अर्थ व्‍यवस्‍था को सुधारा जा सके और देश के भीतर फैली कालेधन की गदंगी को साफ किया जा सके।

वित्‍त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट की रपट पर सीबीडीटी ने 155 करोड़ की बेहिसाब इनकम पर कार्रवाई की। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने 107 करोड़ और रेवन्‍यू इंटेलीजेंस ने तीन सौ करोड़ की वित्‍तीय गड़बडि़यों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की। जिसमें कुल 562 करोड़ रुपए की ब्‍लैकमनी जब्‍त हुई। जाहिर है इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष को इस पर कमेंट्स करते नहीं बन रहा है। जबकि इससे पहले विपक्ष हमेशा से कालेधन को लेकर मोदी सरकार की नियत पर सवाल खड़े करता रहता था। कालेधन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को विपक्ष जुमला करार देता था। लेकिन, अब यही जुमला बता रहा है कि किस तरह से कालाधन रखने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

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