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मोदी से भी एक कदम आगे निकले योगी, मदरसों के लिए दे डाला ये आखिरी हाहाकारी आदेश !

जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री मोदी निरंतर देश को आगे बढ़ाने में लगे है वहीँ दूसरी ओर मोदी के नक़्शे कदम पर चलते हुए यूपी के CM योगी हर दिन उत्तर प्रदेश में बदलाव ला रहें है.

मोदी से भी एक कदम आगे निकले योगी, मदरसों के लिए दे डाला ये आखिरी हाहाकारी आदेश ! August 31, 2017Leave a comment

जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री मोदी निरंतर देश को आगे बढ़ाने में लगे है वहीँ दूसरी ओर मोदी के नक़्शे कदम पर चलते हुए यूपी के CM योगी हर दिन उत्तर प्रदेश में बदलाव ला रहें है. जैसे-जैसे मोदी जी देश से भ्रष्टाचार और राजनीतिक गुंडागर्दी को ख़त्म कर रहें है ठीक वैसे ही योगी सरकार भी आए दिन बड़े-बड़े फैसले ले रह

उत्तरो प्रदेश के मदरसों पर पूरी निगरानी का मन बना रही है, यही वजह है कि सरकार के अल्पसंख्यक विभाग ने एक आदेश जारी कर मदरसों के लिए बने पोर्टल पर तमाम जानकारियों को भेजना अनिवार्य कर दिया है. राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को सरकारी साइट पर रजिस्टर कराना अनिवार्य कर दिया गया है

देश में कहा गया है कि मदरसों के सभी शिक्षकों, छात्रों और टीचिंग स्टाफ का पूरा विवरण इस पोर्टल पर देना होगा. इसके अलावा मदरसों की गूगल मैपिंग होगी और हर कमरे की जानकारी, तस्वीरें और मदरसा बिल्डिंग की भी पूरी जानकारी इस वेबसाइट पर डालना जरूरी होगा.
मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि यूपी सरकार ने ऐसा कदम इसलिए उठाया है ताकि मदरसों में नकली स्टूडेंट्स और कर्मचारियों पर नजर रखी जा सके. राज्य सरकार ने मदरसों से क्लास रूम के मैप, इमारत की तस्वीरें और टीचर्स के बैंक अकाउंट भी मांगे हैं.

कर्मचारियों के आधार कार्ड की डीटेल सरकार के वेब पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी कहा गया है. योगी सरकार के इस कदम से एक साथ सभी मदरसों पर नज़र रखी जा सकेगी.
योगी सरकार मदरसों का आधुनिकीकरण और हाईटेक बनाने की कोशिश को इसके पीछे की वजह बता रही है लेकिन असल वजह मदरसों में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकना है.

बताते चलें कि यूपी सरकार के आदेश अनुसार इस पोर्टल की शुरुआत विकास, स्पर्धा, सरलीकरण और शिक्षा में सुधार को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है. इस आधुनिक तरीके से नकली छात्रों और शिक्षकों की पहचान की जा सकेगी.
बता दें कि यूपी सरकार ने मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि सभी 16,000 मदरसों की जियो-टैगिंग की जाए. इसके बाद मदरसों को एक कोड दिया जाएगा. प्रधान सचिव मोनिका गर्ग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी मदरसे सरकार की नई वेबसाइट www.madarsaboard.upsdc.gov.in पर 15 अक्टूबर तक रजिस्टर होने चाहिए. इस कदम के पीछे बताई गईं 8 वजहों में विकास को भी गिनाया गया है.
वेब पोर्टल पर मदरसों द्वारा दी गई जानकारी की जांच जिला अल्पसंख्यक अधिकारी करेगा और इसके बाद किसी भी डेटा में बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी. योगी सरकार के इस कदम से न केवल मदरसों पर नज़र रखी जाएगी बल्कि तमाम मदरसे भी आधुनिक हो जाएंगे.
सरकार ने आदेश में साफ लिखा है कि इस नए कदम से और पोर्टल पर तमाम जानकारियों के आने से मदरसों में व्याप्त भ्रष्टाचार रुकेगा. वहां फर्जी शिक्षक, फर्जी टीचिंग स्टाफ और फर्जी छात्रवृत्ति पर रोक लगेगी और सरकार पारदर्शी तरीके से मदरसों को चला सकेगी.

अल्पसंख्यक राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा योगी सरकार जल्द ही मदरसों में एनसीईआरटी करिकुलम को शामिल करेगी. मदरसों का नाम हिंदी और इंग्लिश में भी लिखे जाने पर मंत्री ने कहा कि ऐसा कोई सरकारी ऑर्डर जारी नहीं हुआ है लेकिन सरकार यह जरुर चाहती है कि तमाम मदरसों के नाम हिंदी और इंग्लिश में लिखे जाएं ताकि आम आदमी भी उसे पढ़ सके.
सरकार के मंत्री इसे मदरसों की निगरानी नहीं मान रहे, मंत्री बलदेव सिंह औलख का कहना है कि इसे गलत परिपेक्ष में नहीं देखा जाए बल्कि मदरसों को और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाए गए हैं और जरूरत पड़ी तो और भी कदम उठाए जाएंगे.

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