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सेना को और भी ज्यादा मजबूत बनाने के लिए मोदी सरकार उठाने जा रही है ये 10 कदम

भविष्य में भारतीय सेना की चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसमें अब तक के सबसे बड़े सुधार को मंजूरी दे दी है। आजादी के बाद सेना में सबसे बड़ा सुधार करते हुए सेना में पुर्नसंतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से 57,000 जवानों को दोबारा नियुक्त किया जाएगा।

सेना को और भी ज्यादा मजबूत बनाने के लिए मोदी सरकार उठाने जा रही है ये 10 कदम August 31, 2017Leave a comment

New Delhi: भविष्य में भारतीय सेना की चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसमें अब तक के सबसे बड़े सुधार को मंजूरी दे दी है। आजादी के बाद सेना में सबसे बड़ा सुधार करते हुए सेना में पुर्नसंतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से 57,000 जवानों को दोबारा नियुक्त किया जाएगा।

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल डी। बी। शेकटकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में गठित समिति की कुल 99 सिफारिशों में से 2019 तक 65 सिफारिशें लागू कर दी जाएंगी।

रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह फैसला लिया और बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल को इसकी सूचना दी। जेटली ने कहा कि इन ‘दूरगामी’ सिफारिशों को लागू करने का काम तत्काल शुरू किया जाएगा।

 

किन मुख्य बातों पर है जोर

  • अंग्रजों के जमाने से चली आ रही है सेना की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। जिसमें सिग्नल्स एवं इंजीनियरिंग कॉर्प्स और ऑर्डनेंस इकाइयों का पुनर्गठन, कुछ इकाइयों का विलय तथा मिलिट्री फॉर्म्स को बंद करना शामिल हैं।
  • सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए और रक्षा पर होने वाले खर्च के पुर्नसंतुलन पर जोर।
  • जंग में सीधे हिस्सा लेने वाले सैनिकों और उन्हें लॉजिस्टिक्स की आपूर्ति एवं अन्य मदद मुहैया कराने वाले सैनिकों के बीच के अनुपात (टूथ टू टेल रेशियो) में सुधार।
  • सेना में विभिन्न कार्यो में लगे जवानों का बदली हुई परिस्थितियों में कैसे सर्वश्रेष्ठ उपयोग पर जोर।
  • सेना में 57,000 जवानों, जेसीओ और अन्य रैंक के कर्मियों की नए सिरे से तैनाती की योजना।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर की क्षमता में सुधार किया जाएगा।
  • सेना में क्लर्कों और चालकों की भर्ती के लिये मानकों में भी सुधार।
  • सेना के 39 फार्म बंद किए जाएंगे। जिनमें से कुछ को बंद कर दिया गया है। इन जमीनों को डिफेंस एस्टेट ऑफिस में तब्दील किया जाएगा।
  • वाहन डिपो, आयुध डिपो और केंद्रीय आयुध डिपो समेत आयुध विभाग की फिर से तैनाती होगी।
  • सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। जैसा कि अमेरिका, रूस जैसी महाशक्तियों ने अपनी सेना के साथ किया है।

 

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