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सोशल नेटवर्किंग साइट से ब्‍लैकमनी निकालेगी मोदी सरकार ! देना होगा पाई-पाई का हिसाब

ब्‍लैकमनी के खिलाफ मोदी सरकार का अभियान जारी है। कालाधन रखने वालों की धरपकड़ के लिए अब वित्‍त विभाग के अधिकारी नया फॉर्मूला अपनाएंगे।

सोशल नेटवर्किंग साइट से ब्‍लैकमनी निकालेगी मोदी सरकार ! देना होगा पाई-पाई का हिसाब September 10, 2017Leave a comment

New Delhi Sep 10 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ये स्‍पष्‍ट कर चुके हैं देश में ब्‍लैकमनी रखने वालों को सरकार किसी भी कीमत पर बख्‍शेगी नहीं। लोगों के पास से जमा काला धन बाहर निकालने के लिए ही नोटबंदी की गई थी। नोटबंदी का असर ये हुआ कि बड़े पैमाने पर कालाधन बाहर आया। लेकिन, ब्‍लैकमनी के खिलाफ सरकार की कार्रवाई अभी भी जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्‍स के अधिकारियों ने ब्‍लैकमनी रखने वालों की धरपकड़ के लिए नया प्‍लान बनाया है। इस प्‍लान को ऑपरेशन सोशल साइट का नाम दिया गया है। जानकारी के मुताबिक कालेधन के खिलाफ इनकम टैक्‍स के अधिकारियों का सोशल साइट पर सर्च ऑपरेशन अगले महीने से शुरु किया जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन के तहत इनकम टैक्‍स के अधिकारी अब सोशल नेटवर्किंग साइट्स को खंगालेंगे। उनके निशाने पर फेसबुक, इंस्‍ट्राग्राम और ट्विटर  जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स होंगी। अपने इस सर्च ऑपरेशन में अधिकारी ये पता लगाएंगे कि किन-किन लोगों ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी महंगी और लग्‍जरी कार की फोटो शेयर की है या दूसरे किसी महंगी आइटम की खरीददारी की जानकारी सोशल साइट्स पर साझा की गई है। दरसअल, तमाम लोग अपनी कुछ खास जानकारियों को अपने दोस्‍तों के साथ सोशल साइट्स पर साझा करते हैं। जिसमें खासतौर पर महंगी गाडि़यों के साथ लोग अपनी फोटो डालना काफी पसंद करते हैं। लेकिन, ऐसा करने पर आपके घर पर इनकम टैक्‍स की दस्‍तक हो सकती है।

जानकारी के मुताबिक ब्‍लैकमनी की पड़ताल के लिए बनाए गए इस विशेष प्रोजेक्‍ट के तहत इनकम टैक्‍स के अधिकारी डेटा विश्लेषण और सोशल साइटों पर मौजूद सूचनाओं का मिलान करेंगे। अगर किसी व्‍यक्ति के खर्च और घोषित आमदनी में अंतर पाया गया तो वो व्‍यक्ति इनकम टैक्‍स के राडार पर आ जाएगा। दरअसल, इस वक्‍त सभी पैन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। बैंक अकाउंट भी आधार से लिंक है। ऐसे में गड़बड़ी की कहीं कोई गुंजाइशन नहीं बचती है। बची-खुची कमी सोशल नेटवर्किंग साइट्स को खंगालकर पूरी कर ली जाएगी। इस खास प्रोजेक्‍ट के लिए इनकम टैक्‍स पिछले साल ही L&T इन्फोटेक के साथ करार कर चुकी है। इस प्रोजेक्‍ट के जरिए टैक्‍स भरने वालों की तमाम सूचनाओं को इकट्ठा किया जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी इस प्रोजेक्‍ट का ट्रायल रन चल रहा है। प्रॉजेक्ट इनसाइट के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म अगले महीने शुरू किया जाएगा। इनकम टैक्‍स के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्‍ट से ब्‍लैकमनी के फ्लो को रोका जा सकेगा। इसके साथ ही बड़े लेन-देन पर भी नजर रखी जा सकेगी। इसके साथ ही इनसाइट प्रोजेक्‍ट में सूचना आधारित ढांचे को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। सीधे शब्‍दों में इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि अगर आपने इनकम टैक्‍स में अपनी जो आमदनी और खर्च का ब्‍यौरा दिया है अगर वो ब्‍यौरा आपकी सोशल साइट पर मौजूद तथ्‍यों से मेल नहीं खाता है तो आपको इसका हिसाब जरुर देना होगा। ब्‍लैकमनी के खिलाफ ये प्रोजेक्‍ट मील का पत्‍थर साबित हो सकता है।

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