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BREAKING NEWS : PM मोदी ने अटकाई चीनी कंपनी की 8800 करोड़ की डील,चीन की उडी नींद !

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने चीनी कंपनी शंघाई फोसुन के भारतीय कंपनी ग्लैंड फार्मा की मेजॉरिटी स्टेक खरीदने के लिए 8800 करोड़ रुपए के प्रपोजल पर आपत्तियां लगा दी हैं.
भारत- चीन विवाद के बीच भारत ने दिया है चीन को आज ऐसा झटका जिससे चीन की सारी हेकड़ी एक ही पल में निकल गयी अगर दो चार ऐसे और झटके भारत चीन को देता है तो चीन घुटनों पर होगा,

BREAKING NEWS : PM मोदी ने अटकाई चीनी कंपनी की 8800 करोड़ की डील,चीन की उडी नींद ! August 2, 2017Leave a comment

भारत और चीन के बीच बढता मतभेद आज दुनिया में किसी से भी नहीं छिपा है. चीन आज हर मुमकिन कोशिश कर रहा है कि भारत को नीचा दिखा सके और इसी के चलते वो बार-बार भारत को 1962 युद्ध की धमकी देता रहता है. लेकिन चीन ये भूल चूका है कि आज का भारत इतना आधुनिक है कि वो चीन और पाकिस्तान दोनों को एक साथ बर्बाद कर सकता है. इस बात का प्रमाण कोई और नहीं बल्कि अमेरिका जैसे ताकतवर देश ने भी दिया है.पर आज भारत ने बिना एक गोली चलाए चीन को उसकी औकात दिखाने का काम किया है.

चीन और भारत की सेना में तनातनी के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चीन के एक बहुत बड़ी कंपनी पर रोक लगा दी है, जिसने 22 किलोमीटर लंबे सेवरी-न्हावा-शेवा ट्रांस हार्बर लिंक बनाने के लिए बोली लगाई थी,चीन को उस कंपनी को लाल झंडी दिखा भारत ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है.चीन को भारत की तरफ से ये एक संदेश है,सुधर जाओ बरना हर काम से जाओगे.भारत में चीन निवेश करता है और करोड़ों अरबों कि कमाई करता है सोचो अगर ऐसे सदमें भारत देने लग पड़ा तो क्या होगा.

भारत के इस फैसले से चीन ही नहीं पूरी चीनी कम्पनियों में हडकंप मचा हुआ है भारत सरकार के इस सख्त रुख से चीन और चीनी मीडिया में एक अलग तरह का माहौल बन गया है.चीन को पहले जिस तरह से डोकलाम मुद्दे पर भारत ने अपना सख्त रुख दिखाया अब चीन को दुसरे तरीके से भारत ने मात देना शुरू कर दिया है.

मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (MTHL) और बांद्रा-वरसोवा सी लिंक प्रॉजेक्ट सामुद्रिक सुरक्षा से जुड़े हैं इसीलिए भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसा कदम उठाया है,यह भाभा एटॉमिक रीसर्च सेंटर (MTHL) के बेहद करीब है,इसीलिए केंद्र द्वारा चीन के फर्म को न कहना जरूरी माना जा रहा था.

चीन की ये एक बड़ी कंपनी थी और भारत के इस प्रोजेक्ट को हासिल करना चाहती थी यहाँ तक कि चीन की सरकार की तरफ से भी इसमें सिफारिश डाले जाने की खबरें थी लेकिन भारत सरकार ने इस पर इस कंपनी और चीन को लाल झंडी दिखा दी है !

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