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इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा

इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा January 10, 2018Leave a comment
इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा

इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा :- बालीवुड में ऐसे ऐसे अभिनेता हुए है जिन्होंने अपनी अभिनय क्षमता से बालीवुड में अपनी एक खास जगह बनाइ है। कुछ अभिनेता तो ऐसे है जो बहुत ही छोटी जगहों से इस फिल्म इंडस्ट्री में आये हुए है। और बहुत ही छोटे परिवार से भी है। ऐसे भी बहुत से अभिनेता और अभिनेत्रियां हैं जिन्होंने छोटे से शहर से होते हुए भी आज फिल्म इंडस्ट्री में अलग ही पहचान बना ली है।

आज हम आपको बॉलीवुड के ऐसे ही एक अभिनेता के बारे में बताने जा रहे हैं जो करोड़ों की कमाई करते हैं, लेकिन उनके घर में अभी भी लकड़ी के चूल्हे में खाना बनता है।। इनकी एक फिल्म निल बटे सन्नाटा ने दर्शको का मन मोह लिया था। पंकज ने इसके अलावा फुकरे,मसान,रन,और गैंग ऑफ़ वासेपुर,ओमकारा,गुंडे,मंजिल,ग्लोबल बाबा,मांझी द माउंटेन और बहुत साड़ी सुपर हित फिल्मो में काम कर चुके है।

इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा
इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा

आपको हम बता दे कि पंकज भले ही बालीवुड में सेलिब्रेटी बन गए हो लेकिन आज भी उनका रहन सहन ग्रामीण लोगो जैसा ही है। पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपाल गंज के बेलसंड के रहने वाले है। गाँव में फ़िलहाल मम्मी पापा और रिश्तेदार रहते है। मुख्य रूप से पंकज एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते है। और उनके पिता जी का नाम बनारस त्रिपाठी और माता जी का नाम हेमंत देवी है।

इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा
इस बॉलीवुड अभिनेता के घर आज भी मिटटी के चुल्हे पर बनता है खाना, नाम जानकर यकीन नहीं होगा

गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के सुल्तान आज भी किसी परिचय के मोहताज नहीं है। लेकिन उनके गाँव में पक्की सड़क नहीं है। जहाँ का बेटा फिल्मो में काम करता हो उस गाँव से २० किलोमिटर  दूर पर मात्र एक सिनेमा हॉल है।

पंकज ने एक इंटरव्यू के दौरन बताया कि कुछ दिनों पहले उनके बिहार वाले घर में टीवी भी नहीं थी। १० वी कक्षा तक उन्हें नहीं पता था की फिल्मे क्या होती है। ११ वी तक वह खेती करते थे।

बचपन में वह छट पूजा के समय पंकज नाटक में लड़की का किरदार निभते थे। और लोग उनके अभिनय पर तालियाँ बजाते थे। जो पंकज को बहुत ही अच्छा लगता था। तब उनके मन में अभिनय में करियर बनाने क खयाल आया ।

उसके बाद बहुत ही मुश्किलों के बाद दिल्ली एनएसडी स्कूल में दाखिला लिया वही से उनके अभिनय के सफ़र की शुरुवात आई। पंकज ने बड़ी बड़ी फिल्मो में शानदार अभिनय करने वाले पंकज के घर में आज भी चूल्हे में खाना बनता है।

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