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ऋषि-मुनियों का प्राचीन नुस्खा नामर्दों को भी बना देता है मर्द यहां जानिए ये चमत्कारी नुस्खे।

ऋषि-मुनियों का प्राचीन नुस्खा नामर्दों को भी बना देता है मर्द यहां जानिए ये चमत्कारी नुस्खे। November 5, 2017Leave a comment

भारत न्यूज़ नई दिल्ली : मर्दानी ताकत पाने हेतु लोग क्या क्या नही करते तो भी अपने पार्टनर को सम्भोग सुख प्राप्त नही कर पाते है,जिसके कारण वो तो खुस नही रह पाते है ना ही वो अपने साथी को खुश करपाते है,खबरों की माने तो ये सब लोग येही सोचते है कि काफी सालो पहले राजा महाराजो की 100 से 110 रानियां हुआ करती थी वो उसवक्त अपनी रानियों को कैसे सम्भोग करते थे और खुश रखते थे,इन्ह सवाल का जवाब आपको इस खबर के माध्यमो से प्राप्त हो जाएगा और आपसे जुड़ी सभी प्रकार की गुप्त परेशानियों से छुटकारा भी मिलेगा,चलिए जानते है विस्तार से। खबरों की मानें तो उसवक्त ऋषि मुनियों की दिया नुस्खे उनके काम आता था और वो नुक्से कोई विदेसी नही बल्कि देशी था और वो आयुर्वेद था जिसको आप अपने घर पर भी तैयार कर सकते है और अपने सभी परेशानियों ने मुक्ति पा सकते है।

यदि  आप लोग भी सम्भोग के द्वारा जल्दी ही ढीले और कमजोर पड़ जाते है और आप भी अपनी बीबी को ठीक तरह से सम्भोग का आनंद नहीं दे पाते है और या फिर आपको भी लगता है आपका वीर्य जल्दी से ही निकल जाता है और आपको इस वजहो से आप काफी ज्यादा समय तक सम्भोग नहीं कर पाते है. तो आज आप इस खबर के साथी ही साथ तो शर्माना छोड़ दीजिये क्योंकि आयुर्वेद और प्राचीन ऋषि मुनियों के द्वारा बताएं जड़ी-बूटियों के द्वारा अपनी मर्दानगी को बढ़ा सकते हैं.       शारीरिक ताकत बढ़ाने के उपाय   इस रहस्मय मिश्रण को बनाने के लिए आपको इस मात्रा में इन जड़ी बूटियों को लेना है जो नीचे लिखी हुयी है।

मूसली सफेद -35ग्राम. मूसली काली -55ग्राम, बहमन लाल -37ग्राम, बहमन सफेद -37ग्राम, सालम पंजा -५२ग्राम, सालम मिश्री -32ग्राम, शुद्ध कौंच बीज -35ग्राम, बीज बंद -45ग्राम पीला सतावर -32ग्राम, अस्वगंधा -30ग्राम, उंटंगन, बीज -25ग्राम, सालम गत्ता -20ग्राम, रूमी मस्तगी – 25ग्राम, अकरकरा -25ग्राम, सिंघाड़ा गिरी -25ग्राम, विधारी कंद -35 ग्राम जायफल -35ग्राम, दालचीनी -35ग्राम, लौंग -35ग्राम जाफरन -27 ग्राम रस सिंदूर -लगभग 32ग्राम शुद्ध शिलाजीत -60 ग्राम बंग भस्म -40 ग्राम मोती भस्म -25ग्राम स्वर्ण भस्म एवं मासेप्रवाल पिष्टी -40ग्राम सिध्मकरद्धवज -20 ग्राम लौह भस्मसहस्त्रपुस्तति -30ग्राम अब्रक भस्म सहस्स्त्रपुस्तति -30ग्राम, उड़द की देसी घी में भुनी हुई दाल -175ग्राम

आपको बता दे कि इन सब बूटियों को दी गई मात्रा में लेना और इन बूटियों व सभी औषधियों को धुप में काफी अच्छी तरह से सुखा लेना.इन सबके सुख जाने फिर इस सभी को अच्छी तरह से इनका पीसकर एक अच्छा सा चूर्ण बन लें.जब ये चूर्ण बन कर पूरी तरह से रेडी हो जाए तो इस चूर्ण को बढ़िया तारीखे से साफ़ करके इसे छान लेना है और फिर इस चूर्ण रोज सुबह खाने से पहले और रात्रि के भोजन के बाद में इस चूर्ण का प्रयोग दूध के साथ करें और जब ये चूर्ण बन कर तैयार हो जाए तो उस चूर्ण का इस्तेमाल गर्म दूध के साथ मिलाकर सेवन करना है.।इसे करने से आपकी सभी गुप्त परेशानिया दूर होगी।

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